शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

मैंने जिंदगी को देखा है....
उसकी चमकती आँखों में, खिलखिलाती हसी में ...
उसकी चेहरे की मासूमियत में,शरारती बातों में
उसके अल्ल्हड़पन में, उसके नजाकत में
जिंदगी जैसे खुद सांस ले रही हो
... उसकी हर एक अदा में
मैंने एक जिंदगी को ..एक जिंदगीसे
गले मिलते देखा है
हां.......मैंने जिंदगी को देखा है.....
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