श्री सीरवी सेवा मंण्डल विल्लिवाकम चेन्नई में एक समाज सेवक हू मेरा धर्म समाज सेवा करना हे
में माँ अम्बे का भगत हू में हमेसा उसके चरणों में दास बनकर रहूँगा जय माँ अम्बे जय माँ दुर्गे हमारे धर्मगुरु दीवन श्री माधवसिंगजी को प्रणाम करता हू
शनिवार, 15 अक्टूबर 2011
करवा चोथ और आइना
करवा चोथ
सूरज नही
चाँद का महत्व हे
परिवर्तन संसार का नियम हे
लिव इन का जमाना हे
सीधे मत देखो
ख़ुद पे भरोसा कम हे
आइना जरूरी हे
हर अंतरंग रिश्ता
अब बाज़ारों में बिकता हे
तीज त्यौहार की
अब ये मजबूरी हे
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