भगवान की प्रतिज्ञा
मेरे मार्ग पर पैर रखकर तो देख ;
तेरे सब मार्ग न खोल दूँ तो कहना ||
मेरे लिए खर्च करके तो देख ;
कुबेर के भंडार न खोल दूँ तो कहना ||
मेरे लिए कडवे कडवे वचन सुनकर तो देख ;
कृपा न बरसे तो कहना ||
मेरी तरफ आ करके तो देख ;
तेरा ध्यान न रखूँ तो कहना ||
मेरी बातें लोगों से करके तो देख ;
तुझे मूल्यवान न बना दूँ तो कहना ||
मेरे चरित्रों का मनन करके तो देख ;
ज्ञान का मोती तुझमें न भर दूँ तो कहना ||
मुझे अपना मददगार बनाकर तो देख ;
तुझे सबकी से न छुडा दूँ तो कहना ||
मेरे लिए आसू बहाकर तो देख ;
जीवन में आनंन्दके सागर न बहा दूँ तो कहना ||
मेरे लिए कुछ बनाकर तो देख ;
तुझे कीमती न बना दूँ तो कहना ||
मेरे मार्ग पर निकलकर तो देख ;
तुझे शांतिदूत न बना दूँ तो कहना ||
स्वयं को न्योछावर करके तो देख ;
तुझे मशहूर न करा दूँ तो कहना ||
मेरा कीर्तन करके तो देख ;
जगत का विस्मरण न करा दूँ तो कहना
श्री सीरवी सेवा मंण्डल विल्लिवाकम चेन्नई
श्री सीरवी समाज विल्लिवाकम चेन्नई
लेखक
सुखाराम सोलंकी सीरवी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें