गुरुवार, 22 सितंबर 2011

                      भगवान की प्रतिज्ञा
  मेरे मार्ग पर पैर रखकर तो देख ;
  तेरे सब मार्ग न खोल दूँ तो कहना ||
         मेरे लिए खर्च करके तो देख ;
         कुबेर के भंडार न खोल दूँ तो कहना ||
  मेरे लिए कडवे कडवे वचन सुनकर तो देख ;
  कृपा न बरसे तो कहना ||
         मेरी तरफ आ करके तो देख ;
         तेरा ध्यान  न रखूँ तो कहना ||
  मेरी बातें लोगों से करके   तो देख ;
  तुझे मूल्यवान न बना दूँ तो कहना ||
         मेरे चरित्रों का मनन करके तो देख ;
         ज्ञान का मोती तुझमें न भर दूँ तो कहना ||
  मुझे अपना मददगार बनाकर तो देख ;
  तुझे सबकी से न छुडा दूँ तो कहना ||
         मेरे लिए आसू बहाकर तो देख ;
          जीवन में आनंन्दके सागर न बहा दूँ तो कहना ||
  मेरे लिए कुछ बनाकर तो देख ;
  तुझे कीमती न बना दूँ तो कहना ||
        मेरे मार्ग पर निकलकर तो देख ;
        तुझे शांतिदूत न बना दूँ तो कहना ||
  स्वयं को न्योछावर करके तो देख ;
  तुझे मशहूर न करा दूँ तो कहना ||
        मेरा कीर्तन करके तो देख ;
        जगत का विस्मरण न करा दूँ तो कहना 
    श्री सीरवी सेवा मंण्डल विल्लिवाकम चेन्नई 
    श्री सीरवी समाज विल्लिवाकम चेन्नई 
                लेखक 
                          सुखाराम सोलंकी सीरवी 

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