सोमवार, 21 नवंबर 2011


हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता क्यों और कैसे माने जाते हैं...
हिंदू धर्म के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता हैं,वेद-पुराणों के अनुसार 33 कोटि देवता बताए गए हैं। यहां कोटि शब्द ही बोलचाल की भाषा में करोड़ में बदल गया। अत: ऐसा माना जाने लगा कि हिंदूओं के 33 करोड़ देवी-देवता हैं, जबकि वास्तव में 33 कोटि देवी-देवता हैं। 33 कोटि में आठ वसु, ग्यारह रुद्र, बारह आदित्य, इंद्र और प्रजापति शामिल है। जबकि कुछ... विद्वानों के अनुसार इंद्र और प्रजापति के स्थान पर दो अश्विनी कुमार का नाम लिया जाता है।

आठ वसुओं में आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष, प्रभाष शामिल हैं।

ग्यारह रुद्र इस प्रकार हैं- मनु, मन्यु, शिव, महत, ऋतुध्वज, महिनस, उम्रतेरस, काल, वामदेव, भव और धृत-ध्वज।

बारह आदित्य इस प्रकार हैं- अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, वैवस्वत और विष्णु।

रविवार, 20 नवंबर 2011

माना दुनिया बदल गई माँ -पर मै तेरे चरण दबाऊंगा |
पूरी दुनिया में मिला चैन ना -बस तेरे चरण में पाऊंगा ||
धन की माँ है कमी नहीं पर -वो चैन कही न मिलता है |
अपनी मिटटी से अलग हुआ -फूल कहा फिर खिलता है ||
भूल नहीं मै सकता माँ -माता -पिता का संस्कार कभी |
जो ध्यान है रखता मात -पिता का -घेरे न अन्धकार कभी ||
लुट जाऊ ,लुट जाये सब कुछ -माँ तेरा प्यार तो पाउँगा |
माना दुनिया बदल गई माँ -पर मै तेरे चरण दबाऊंगा ||
ह्रदय

रविवार, 13 नवंबर 2011

‎----------- >>> घुस जाऊ अगर मै सत्ता में <<< ------------
घुस जाऊ अगर मै सत्ता में तो होंगे अधभुत चमत्कार ..
सब सड़क छाप चुटकुले बाज होंगे सासन के सूत्रधार..
अपने विरोधियो से डट कर फिर मै ऐसा बदला लूँगा ..
हत्या के मनगढंत केस में उसको तुरंत फसा दूंगा ..
सातों पीढ़ी तर जाएगी मेरी मै इतने नोट कमाऊंगा ..
भारत के हर महा नगर में अपने बंगले बनवाऊंगा
फिर दिन दिल्ली में शाम बम्बई में और रात कटे कलकत्ता में

घुस जाऊ अगर मै सत्ता में तो होंगे अधभुत चमत्कार ..
यदि मै सत्ता में घुस जाऊ अपने बिगड़े काम बनाऊ
निज टी वी पर आऊ जाऊ जनता से पहचान बनाऊ
अपने हित के कारण हर दिन नये - नये कानून बनाऊ
और रास्ट्र भाषा की खातिर अंग्रेजी भासन सुनाऊ
प्रजातंत्र की कब्र बनवाकर राजतन्त्र की रोब जमाऊ

घुस जाऊ अगर मै सत्ता में तो होंगे अधभुत चमत्कार ..
आज कल के नेता जैसे मै भी वैसा बन जाऊ
तिकड़म कर मंत्री पद पाऊ और करोणों रुपये पाऊ
साले, ससुर, जीजा, सब को सरकारी पद दिलवाऊ
जो विरोध में मेरे बोले तमाचो से उसको पिटवाउ
यदि घुस जाऊ अगर मै सत्ता में तो होंगे अधभुत चमत्कार ..

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

शीर्षक माँ से बड़कर कौन ?
माँ की बेकदरी ना करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको जन्म दिया है
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको पाला पोसा बड़ा किया है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ का आश्रीवाध जिसने पाया
दुनिया मैं उसने नाम कमाया
माँ जब खाती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब सोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब रोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे मैं जाती है
माँ पूजा भी तुम्हारे लिए करती है
माँ के दिल को न दुखाना मेरे दोस्तों
भगवान से बड़कर माँ का नाम है
भूल न जाना माँ के नाम को
माँ से बड़कर कौन ?
माँ के दूध के कर्ज को किसने चुकाया है
ये आजतक हमने दुनिया मैं नहीं पाया है
माँ के चरणों मै शीश झुकावो
माँ के गुण गान गाते जावो
माँ की हमेशा तुम्हारे लिए एक ही आश है
वो रास्ता तुम्हें मिल जायेगा जिसकी तुम्हें तलाश है
फूलों काँटों का दर्द माँ ने सहा है
इसको जानता है कौन
जब तक दुनिया मैं सूरज चांद रहेगा
तब तक एस दुनिया मैं माँ का नाम रहेगा
शीर्षक माँ से बड़कर कौन ?
माँ की बेकदरी ना करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको जन्म दिया है
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको पाला पोसा बड़ा किया है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ का आश्रीवाध जिसने पाया
दुनिया मैं उसने नाम कमाया
माँ जब खाती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब सोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब रोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे मैं जाती है
माँ पूजा भी तुम्हारे लिए करती है
माँ के दिल को न दुखाना मेरे दोस्तों
भगवान से बड़कर माँ का नाम है
भूल न जाना माँ के नाम को
माँ से बड़कर कौन ?
माँ के दूध के कर्ज को किसने चुकाया है
ये आजतक हमने दुनिया मैं नहीं पाया है
माँ के चरणों मै शीश झुकावो
माँ के गुण गान गाते जावो
माँ की हमेशा तुम्हारे लिए एक ही आश है
वो रास्ता तुम्हें मिल जायेगा जिसकी तुम्हें तलाश है
फूलों काँटों का दर्द माँ ने सहा है
इसको जानता है कौन
जब तक दुनिया मैं सूरज चांद रहेगा
तब तक एस दुनिया मैं माँ का नाम रहेगा

शनिवार, 5 नवंबर 2011

माना दुनिया बदल गई माँ -पर मै तेरे चरण दबाऊंगा |
पूरी दुनिया में मिला चैन ना -बस तेरे चरण में पाऊंगा ||
धन की माँ है कमी नहीं पर -वो चैन कही न मिलता है |
अपनी मिटटी से अलग हुआ -फूल कहा फिर खिलता है ||
भूल नहीं मै सकता माँ -माता -पिता का संस्कार कभी |
जो ध्यान है रखता मात -पिता का -घेरे न अन्धकार कभी ||
लुट जाऊ ,लुट जाये सब कुछ -माँ तेरा प्यार तो पाउँगा |
माना दुनिया बदल गई माँ -पर मै तेरे चरण दबाऊंगा ||
ह्रदय
जो पत्थर हथोडी की चोट नहीं खाता
जो पत्थर हथोडी की चोट नहीं खाता
वो न तो मंदिर में न किसी मस्जिद में जगह कभी पाता
मुश्किलें तो जिंदगी कि तस्वीर का अनोखा रंग हैं
बिना इस रंग को पाए अगर जीत भी गए तो भी जीत की तस्वीर में मज़ा नहीं आता.

जो पानी उपर से नीचे नहीं आता
वो न तो किसी की लिए अमृत होता न ज़हर बन पाता
गिरना तो जिंदगी का एक कदम हैं
बिना इस कदम को रखे आकाश छूने का मज़ा भी नहीं आता